जुलाई 2016 में तुर्की में होने वाले असफल सैन्य विद्रोह के बाद से तुर्की और यूरोपीय संघ के संबंध तनावपूर्ण चल रहे हैं। इसके बावजूद कुछ घटनाएं पेश आयी हैं जो दोनों पक्षों के बीच मौजूद तनावों में और वृद्धि का कारण बनी हैं।
इस संबंध में यूरोपीय संघ ने तुर्की को चेतावनी दी है कि अगर उसने ग़ैर कानूनी रूप से साइप्रेस में गैस खोजने का कार्य बंद नहीं किया तो तुर्की को इस संघ के प्रतिबंध का सामना होगा।
साइप्रेस में जो तुर्क आवासीय क्षेत्र है तुर्की उसके निकट फरवरी 2019 के अंत से तेल और गैस खोजने का काम कर रहा है और तुर्की का यह कार्य साइप्रेस और यूनान के मध्य तनावों में वृद्धि का कारण बना है और यूरोपीय संघ ने इस पर प्रतिक्रिया जताई है।
यूरोपीय संघ ने ब्रसल्ज़ में अपनी बैठक की समाप्ति पर जारी होने वाली विज्ञप्ति में बल देकर कहा है कि यूरोपीय संघ तुर्की द्वारा गैर कानूनी ढंग से तेल और गैस खोजने की कार्यवाही की भर्त्सना करता है।
यूरोपीय संघ ने अपनी विज्ञप्ति में घोषणा की है कि वह तुर्की द्वारा की जाने वाली गतिविधियों पर दूर से नज़र रखे हुए है और साइप्रेस के समन्वय से अंकारा को उचित जवाब देगा।
यह ऐसी स्थिति में है जब अभी 20 जून को तुर्की के ऊर्जा मंत्री ने इस देश की ओर से साइप्रेस में की जाने वाली खुदाई को कानूनी बताया है और कहा है कि साइप्रेस में तुर्क आवासीय क्षेत्र में मिलने वाली समुद्री संपत्ति का संबंध उनसे है क्योंकि वर्ष 1967 में साइप्रेस गणतंत्र की स्थापना में तुर्क भी शामिल थे।
वर्ष 1974 में तुर्की ने साइप्रेस द्वीप पर हमला किया था जिसके बाद साइप्रेस दो भागों में बट गया था एक वह भाग जो तुर्क आवासीय है और दूसरा वह भाग जहां यूनानी रहते हैं। अब तक दोनों भागों के एकीकरण के संबंध में किये जाने वाले समस्त प्रयास विफल रहे हैं।
साइप्रेस के जिस भाग में यूनानी रहते हैं वह यूरोपीय संघ का सदस्य है। समुद्र में ऊर्जा के जो स्रोत मिलते हैं उसके संबंध में तुर्की और साइप्रेस दोनों के दावे समान हैं।
यूरोपीय संघ और दूसरे महत्वपूर्ण देश साइप्रेस का समर्थन कर रहे हैं और उन्होंने तुर्की को चेतावनी दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति एमानोएल मैक्रां ने 14 जून को तुर्की का आह्वान किया था कि वह साइप्रेस में अपनी गैर कानूनी कार्यवाहियों को बंद कर दे और यूरोपीय संघ इस मामले से पीछे नहीं हटेगा।
इससे पहले यूरोपीय संघ की विदेश नीति आयुक्त फेड्रीका मोगरीनी इस मामले पर गम्भीर चिंता जता चुकी हैं। बहरहाल तुर्की ने भी साइप्रेस मामले में कड़ा दृष्टिकोण अपना रखा है इस प्रकार से तुर्की के राष्ट्रपति ने भी बल देकर कहा है कि साइप्रेस और दूसरे तटवर्ती देशों की भांति पूर्वी भूमध्यसागर के समुद्री स्रोतों में तुर्की के भी अधिकार हैं और इन हितों की रक्षा तुर्की की मूल ज़िम्मेदारी है।
इस आधार पर कहा जा सकता है कि निकट भविष्य में तुर्की और यूरोपीय संघ के मतभेदों में वृद्धि होगी जो तुर्की के खिलाफ यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का कारण बनेगा।